जी हाँ ब्लॉगर डिज़ाइन किया गया है हिंदी के लिए एवं इसको मराठी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है पर ये बहुत हई कठिन एवं परेशानी दायक चीज़ होने के कारन मैं अपनी राष्ट्रभाषा में अपनी भावनाओं का अनुवादन करता हूँ । हाँ तो हम लोग क्या बात कर रहे थे अम्म्म ह्म्म्म... एम् बी ए ! आय टी में आना बहोत से लोगों के लिए एक इत्तेफाक होता है मगर मेरे लिए वो सोचा समझा जाना डिसीजन था । अब यहाँ मुझे लगता है के मैं कई लोगों से बेहतर हूँ लेकिन मुझे अपने करीएर पर पूरा कण्ट्रोल नही मिल रहा है । मैं अभिभी नही जानता के मुझे ५ साल के बाद क्या करना है? किस चीज़ से मैं सबसे खुश रहूंगा । ये जान ने का सिर्फ एक तरीका है। पोस्ट ग्रदुअशन करना । किस्में करूं ? इंजीनियरिंग तो नही कर सकता क्यों कि वो तो मैं पहले से हूँ और अब और टेक्नीकल चीज़ें सीखने कि जरूरत नही लगती मुझे। मुझे पता है मुझे अपने कारीर से क्या चाहिऐ। वो है संतोष एवं स्थिरता । जो आय टी में बिल्कुल नही है । नही नही, अबतक हुआ नहीं खतम, देखिए, अपने यहाँ भारत में ऐसा कुछ करना भी बहोत ज्यादा मुश्किल हो चला है आजकल। किसीसे पूछना जो कैट कि तैयारी कर रहा हो । वो आपको बतायेगा यहाँ पे अच्छी बी स्क्कूल से एम् बी ए करना कितना मुश्किल है। जिंदगी में मुश्किल चीज़ें करनी होती हैं करनी पड़ती हैं हमेशा, पर मैं इस मामले में कुछ और सोचता हूँ। मुझे लगता है यह भीड़ होने के कारन सब प्रॉब्लम हो रही है । बहोत ज्यादा लोगों को वो करना है क्यों कि वो करने के बाद भविष्य उज्वल है ऐसा एक समीकरण बन चूका है। पर दुनिया में देखा जाये तो भारत के सबसे महान बी स्कुल वर्ल्ड रंकिंग में बहोत नीचे हैं। इसीलिये, इंटरनेशनल एम् बी ए मुझे ४ सालों से आकर्षित कर्ता आ रहा है। उसके लिए प्लानिंग तो चल रही है, बहोत सारे विकल्प मेरे पास खुल्ले पडे हैं लेकिन बस सोचने कि और कुछ करने कि जरूरत है।
बाप रे बाप कितना बोरे कर दिया मैंने.... आप इस मामले पर क्या सोचते हैं? आपकी सोच कमेंट के माध्यम से मुझतक पहोचाइये। आपका कीमती समय देके ये पोस्ट पड़ने के लिए धन्यवाद्। मुझे अब मेरी बैग पैक करनी हैं क्यों कि कल सुबेह उठकर एअरपोर्ट होते हुए न्यू यॉर्क तक पहोचना हैं। मैं मंगलवार तक वापस आऊंगा। तबतक के लिए, अलविदा।
जाते जाते एक चीज़ कहना चाहूँगा, जिंदगी में सबकुछ कभी नही मिलता... इसीलिये अगर आपको लगता है के आपके पास बहोत कुछ है, तो दूसरों को थोडा देने कि इंसानियत जरूर रखियेगा ।
अभिनन्दन।
२५ अप्रील 2007
बाप रे बाप कितना बोरे कर दिया मैंने.... आप इस मामले पर क्या सोचते हैं? आपकी सोच कमेंट के माध्यम से मुझतक पहोचाइये। आपका कीमती समय देके ये पोस्ट पड़ने के लिए धन्यवाद्। मुझे अब मेरी बैग पैक करनी हैं क्यों कि कल सुबेह उठकर एअरपोर्ट होते हुए न्यू यॉर्क तक पहोचना हैं। मैं मंगलवार तक वापस आऊंगा। तबतक के लिए, अलविदा।
जाते जाते एक चीज़ कहना चाहूँगा, जिंदगी में सबकुछ कभी नही मिलता... इसीलिये अगर आपको लगता है के आपके पास बहोत कुछ है, तो दूसरों को थोडा देने कि इंसानियत जरूर रखियेगा ।
अभिनन्दन।
२५ अप्रील 2007
